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पानी बिलों के लिए ‘एकमुश्त समाधान’ योजना को रोकने की कोशिश कर रही भाजपा : आप

आम आदमी पार्टी (आप) ने पानी के भारी-भरकम बिलों में सुधार के लिए प्रस्तावित ‘एकमुश्त समाधान’ योजना पर सर्वदलीय बैठक में शामिल नहीं होने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों पर निशाना साधा और पार्टी पर लोगों की परेशानियों से खुश होने का आरोप लगाया। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और दिल्ली के शहरी विकास मंत्री सौरभ भारद्वाज ने यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा बुलाई बैठक का भाजपा ने ‘बहिष्कार’ किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अधिकारियों के माध्यम से इस योजना को रोकने का भरसक प्रयास कर रही है। इससे पहले भाजपा की दिल्ली इकाई ने एक बयान में कहा था कि पार्टी ‘सर्वदलीय बैठक में शामिल नहीं होगी’।

भाजपा ने कहा कि अगर केजरीवाल दिल्ली जल बोर्ड से जुड़ी अनियमितताओं सहित सभी कथित अनियमितताओं पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं तो वह बैठक में ‘निश्चित रूप से शामिल’ होगी। केजरीवाल ने सर्वदलीय बैठक के दौरान कहा कि बैठक में भाजपा विधायकों की अनुपस्थिति ‘एकमुश्त समाधान’ योजना के प्रति उनके विरोध का संकेत देती है। केजरीवाल के मुताबिक, इस योजना का उद्देश्य दिल्ली में लाखों लोगों को राहत प्रदान करना है। बयान में मुख्यमंत्री के हवाले से कहा गया, हमें दिल्ली के लोगों के सामने भाजपा को बेनकाब करना चाहिए क्योंकि वे बहुत गंदी राजनीति कर रहे हैं। अगर भाजपा के पास कोई सुझाव है, तो हम उन पर विचार करेंगे। वहीं, भारद्वाज ने दावा किया, दिल्ली सरकार लोगों के लिए यह योजना लाना चाहती है, लेकिन भाजपा इस योजना को रोकने के लिए अधिकारियों के माध्यम से भरसक प्रयास कर रही है।

आप-कांग्रेस गठबंधन से भयभीत भाजपा केजरीवाल को गिरफ्तार कराने के प्रयास कर रही: सौरभ भारद्वाज

आम आदमी पार्टी (आप) ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के साथ पार्टी के गठबंधन से डरी हुई है और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार कराने के लिए सीबीआई का इस्तेमाल कर रही है। ‘आप’ के इस आरोप पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या भाजपा की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। दिल्ली के कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जैसे ही कांग्रेस और आप के बीच सीट-बंटवारे की बातचीत को अंतिम रूप देने की खबरें आनी शुरू हुईं, ईडी ने आबकारी नीति से जुड़े धनशोधन मामले में केजरीवाल को सातवां समन भेज दिया।

उन्होंने आरोप लगाया, “हमें विश्वस्त सूत्रों से पता चला है कि सीबीआई केजरीवाल को गिरफ्तार करने की योजना बना रही है। सीबीआई आज दोपहर या शाम तक केजरीवाल को नोटिस भी देगी।” उन्होंने दावा किया कि अगले दो से तीन दिन में केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा, “”हमें संदेश मिल रहे थे कि अगर आप-कांग्रेस गठबंधन होता है, तो अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। भाजपा आप-कांग्रेस गठबंधन से डरी हुई है। आप चाहें तो केजरीवाल को गिरफ्तार कर सकते हैं, लेकिन गठबंधन आगे बढ़ेगा।” आप के राज्यसभा सदस्य संदीप पाठक ने कहा कि अगर केजरीवाल को गिरफ्तार किया गया तो लोग सड़कों पर उतर आएंगे। उन्होंने कहा, “लोगों की सुनामी आएगी। उनका (भाजपा) राजनीतिक गणित गलत हो जाएगा। हम गिरफ्तार होने से नहीं डरते। हम देश के लिए यह गठबंधन बना रहे हैं।

महाराष्ट्र के पूर्व सीएम और लोकसभा अध्यक्ष रहे मनोहर जोशी का निधन

मुंबई। लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष मनोहर जोशी का शुक्रवार को मुंबई के पी डी हिंदुजा अस्पताल में निधन हो गया। अस्पताल ने बताया कि महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री जोशी (86) को दिल का दौरा पड़ने के बाद 21 फरवरी को अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था जहां उन्होंने शुक्रवार तड़के अंतिम सांस ली। जोशी को पिछले वर्ष मई में मस्तिष्काघात के बाद भी इसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जोशी सर के नाम से लोकप्रिय मनोहर जोशी अविभाजित शिवसेना से राज्य के मुख्यमंत्री बनने वाले पहले नेता थे और उन्होंने 1995 से 1999 तक इस पद पर सेवाएं दीं। जोशी संसद के सदस्य भी चुने गए थे और वह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में 2002 से 2004 तक लोकसभा अध्यक्ष रहे। महाराष्ट्र के तटीय कोंकण क्षेत्र में दो दिसंबर 1937 को जन्मे जोशी ने मुंबई के प्रतिष्ठित वीरमाता जीजाबाई तंत्रज्ञान संस्था (वीजेटीआई) से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की थी।

उनके राजनीतिक करियर की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में शामिल होने के साथ हुई और बाद में वह शिवसेना के सदस्य बन गए। जोशी 1980 के दशक में शिवसेना के एक प्रमुख नेता के रूप में उभरे। वह अपने संगठनात्मक कौशल के लिए जाने जाते थे। पूर्व केंद्रीय मंत्री जोशी का विवाह अनघा जोशी से हुआ था जिनका 2020 में 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। जोशी के परिवार में एक बेटा और दो बेटियां हैं। जोशी ने अपना करियर एक शिक्षक के रूप में शुरू किया था और 1967 में उन्होंने राजनीति की ओर रुख किया। वह चार दशक से अधिक समय तक शिवसेना से जुड़े रहे। वह 1968 से 1970 के दौरान मुंबई में नगर निगम पार्षद और 1970 में मुंबई नगर निगम की स्थायी समिति के अध्यक्ष रहे। वह 1976 से 1977 के दौरान मुंबई के महापौर थे। इसके बाद वह 1972 में महाराष्ट्र विधान परिषद के लिए चुने गए।

विधान परिषद में तीन कार्यकाल तक बने रहने के बाद जोशी 1990 महाराष्ट्र विधानसभा के लिए चुने गए और 1990 से 1991 के दौरान विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे। जोशी ने 1999 के आम चुनावों में मुंबई उत्तर-मध्य लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से शिवसेना के उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की और वह बाद में केंद्रीय भारी उद्योग और सार्वजनिक उद्यम मंत्री बने। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जोशी के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि राज्य ने राजनीति का एक ”सौम्य चेहरा” खो दिया है। जब जोशी मुख्यमंत्री थे तब गडकरी महाराष्ट्र मंत्रिमंडल के सदस्य थे। जोशी के परिवार ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार दादर इलाके के शिवाजी पार्क श्मशान में किया जाएगा।

आबकारी नीति मामल: ईडी ने दिल्ली के सीएम केजरीवाल को फिर जारी किया नया समन

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आबकारी नीति से जुड़े धन शोधन मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को नया समन जारी कर उनसे पूछताछ के लिए 26 फरवरी को उसके समक्ष पेश होने को कहा है। आधिकारिक सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियिम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत सातवां समन जारी करते हुए केजरीवाल की इस दलील को खारिज कर दिया कि उनकी पेशी के लिए नया नोटिस देना गलत है क्योंकि यह मामला एक स्थानीय अदालत के विचाराधीन है। केजरीवाल समन को ‘गैरकानूनी’ बताते हुए अभी तक ईडी के समक्ष पेश नहीं हुए हैं और उन्होंने ईडी को समन वापस लेने के लिए पत्र लिखा है।

ईडी ने हाल में इस मामले में उसके समन की अवज्ञा करने के लिए आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल (55) के खिलाफ एक नयी शिकायत दर्ज करायी थी। अदालत ने पिछले सप्ताह केजरीवाल को इस मामले में व्यक्तिगत रूप से पेश होने की छूट दी थी और मामले की अगली सुनवाई के लिए 16 मार्च की तारीख तय की थी। अदालत ने यह भी कहा था कि शिकायत के विषय और रिकॉर्ड पर रखी गई सामग्री से, प्रथम दृष्टया यह भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 174 के तहत अपराध बनता है और आरोपी अरविंद केजरीवाल के खिलाफ कार्यवाही के लिए पर्याप्त आधार हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, ईडी ने दावा किया कि स्थानीय अदालत ने प्रथम दृष्टया केजरीवाल को इस मामले में पूर्व में जारी नोटिसों की अवज्ञा करने का दोषी पाया है, जिसके कारण उन्हें सातवां समन जारी करने की आवश्यकता पड़ी है।

सूत्रों ने बताया था कि अदालत के सामने सवाल समन की वैधता का नहीं बल्कि केजरीवाल द्वारा जानबूझकर पूर्व में जारी समन की अवज्ञा करने का गैरकानूनी कृत्य है। ईडी ने इस मामले में दाखिल किए आरोपपत्रों में कई बार केजरीवाल के नाम का उल्लेख किया है। एजेंसी ने कहा कि आरोपी अब रद्द की जा चुकी दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 को तैयार करने के संबंध में उनके संपर्क में थे। ईडी अभी तक इस मामले में ‘आप’ नेता मनीष सिसोदिया और संजय सिंह के अलावा पार्टी के संचार प्रभारी विजय नायर को गिरफ्तार कर चुकी है। ईडी ने अपने आरोपपत्र में दावा किया कि ‘आप’ ने ‘अपराध से मिली करीब 45 करोड़ रुपये की आय’ का इस्तेमाल गोवा चुनाव प्रचार अभियान में किया।

लोकसभा चुनाव को लेकर अंतिम चरण में पहुंची कांग्रेस और आप के बीच बातचीत, जल्द हो सकती है सीटों के बंटवारे की घोषणा

लोकसभा चुनाव के लिए दिल्ली में सीट बंटवारे को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) एवं कांग्रेस के बीच बातचीत अंतिम चरण में है और दोनों पक्ष जल्द ही अपने गठबंधन की घोषणा कर सकते हैं। सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। आप के सूत्रों ने बताया कि दोनों पक्षों ने सीटों के समझौते पर सहमति व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि आप दक्षिणी दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली, उत्तर पश्चिम दिल्ली और नयी दिल्ली की सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी जबकि कांग्रेस चांदनी चौक, पूर्वी दिल्ली और उत्तर पूर्वी दिल्ली सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

राष्ट्रीय राजधानी की सभी सात लोकसभा सीटें वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पास हैं। आप के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को कहा था कि गठबंधन पर बातचीत में देरी हो रही है। उन्होंने अगले एक या दो दिनों में ताजा घटनाक्रम का संकेत भी दिया था। लोकसभा चुनाव अप्रैल-मई में हो सकते हैं।

गन्ना खरीद की कीमत में ‘ऐतिहासिक’ बढ़ोतरी, किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध: मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गन्ना खरीद की कीमत में ‘ऐतिहासिक’ बढ़ोतरी को केंद्रीय मंत्रिमंडल से मिली मंजूरी का हवाला देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि उनके नेतृत्व में केन्द्र सरकार किसानों के कल्याण से जुड़े हर संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “देशभर के अपने किसान भाई-बहनों के कल्याण से जुड़े हर संकल्प को पूरा करने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में गन्ना खरीद की कीमत में ऐतिहासिक बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि इस कदम से करोड़ों गन्ना उत्पादक किसानों को लाभ होगा। ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने चीनी मौसम 2024-25 के लिए चीनी की 10.25 प्रतिशत वसूली दर पर गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) 340 रुपये प्रति क्विंटल करने की मंजूरी दे दी।

सरकार के मुताबिक, यह गन्ने की ऐतिहासिक कीमत है जो चालू मौसम 2023-24 के लिए गन्ने के एफआरपी से लगभग 8 प्रतिशत अधिक है। संशोधित एफआरपी 01 अक्टूबर 2024 से लागू होगी। केन्द्र सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है जब विभिन्न मांगों को लेकर किसान संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें से अधिकतर किसान पंजाब और हरियाणा के हैं। प्रधानमंत्री ने अंतरिक्ष क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के लिए इस नीति में संशोधन को मंजूरी दिए जाने के फैसले को रेखांकित करते हुए कहा कि इससे विकास और नवाचार के नए रास्ते खुलेंगे। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने अंतरिक्ष क्षेत्र में एफडीआई नीति को अद्यतन किया है, जिससे अवसरों के कई मार्ग प्रशस्त हुए हैं। राष्ट्रीय पशुधन मिशन से संबंधित मंत्रिमंडल के निर्णय का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, इससे चारा उत्पादन और नस्ल संरक्षण में प्रमुख वृद्धि के साथ-साथ उद्यमियों के लिए रोमांचक अवसर भी आएंगे।

हम किसी भी खतरे का मुकाबला करने से पीछे नहीं हटेंगे: समुद्री सुरक्षा पर बोले राजनाथ सिंह

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा कि भारत सभी मालवाहक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रणनीतिक जलक्षेत्र में निरंतर उपस्थिति बनाए हुए है और वह क्षेत्र के सामूहिक कल्याण को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी खतरे का मुकाबला करने से पीछे नहीं हटेगा। विशाखापत्तनम में मिलन नौसैनिक अभ्यास के औपचारिक उद्घाटन समारोह में उनकी टिप्पणी यमन के हुती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर में विभिन्न वाणिज्यिक जहाजों पर हमले किए जाने से बढ़ती वैश्विक चिंताओं के बीच आई। सिंह ने कहा, “हम ऐसे किसी भी खतरे का मुकाबला करने से पीछे नहीं हटेंगे जो हमारे सामूहिक कल्याण को नुकसान पहुंचाता हो, जिसमें समुद्री डकैती और तस्करी शामिल है।

किरू पनबिजली भ्रष्टाचार मामला: सीबीआई ने पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के परिसरों पर छापे मारे

केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने किरु पनबिजली परियोजना में कथित भ्रष्टाचार के मामले में जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के परिसरों और 29 अन्य स्थानों पर बृहस्पतिवार को छापे मारे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सीबीआई ने कई शहरों में 30 स्थानों पर सुबह छापे मारे, जिसमें लगभग 100 अधिकारी शामिल हुए। उन्होंने बताया कि यह मामला 2,200 करोड़ रुपये के किरू हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट (एचईपी) के सिविल कार्यों को आवंटित करने में कथित भ्रष्टाचार से संबंधित है।

मलिक 23 अगस्त 2018 से 30 अक्टूबर 2019 तक जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल थे। उन्होंने दावा किया था कि उन्हें दो फाइलों को मंजूरी देने के लिए 300 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की गई थी। इनमें से एक फाइल परियोजना से संबंधित थी। सीबीआई ने चिनाब वैली पावर प्रोजेक्ट्स (पी) लिमिटेड के पूर्व अध्यक्ष नवीन कुमार चौधरी और अन्य पूर्व अधिकारियों एम एस बाबू, एम के मित्तल और अरुण कुमार मिश्रा और पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

पानी के बिलों की एकमुश्त समाधान योजना पर चर्चा करेगी दिल्ली सरकार, सीएम केजरीवाल ने बुलाई सर्वदलीय बैठक

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पानी के भारी-भरकम बिलों की एकमुश्त समाधान योजना पर चर्चा के लिए बृहस्पतिवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। यह सर्वदलीय बैठक शाम चार बजे मुख्यमंत्री आवास पर होगी। दिल्ली में इससे पहले सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) ने आरोप लगाया था कि दोषपूर्ण पानी के बिलों के निवारण के लिए सरकार की एकमुश्त समाधान योजना में बाधा उत्पन्न हुई है क्योंकि शहरी विकास सचिव ने मंत्रीपरिषद के समक्ष प्रस्ताव पेश करने से इंकार कर दिया है।

बच्चा गोद लेने का अधिकार मौलिक अधिकार नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा है कि ‘बच्चा गोद लेने’ के अधिकार को संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार का दर्जा नहीं दिया जा सकता और इसके इच्छुक माता-पिता के पास यह चुनने का कोई अधिकार नहीं है कि किस बच्चे को गोद लेना है। न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने उस नियम को बरकरार रखा, जिसके तहत दो या दो से अधिक बच्चों वाले दंपति को केवल विशेष जरूरतों वाले या ऐसे बच्चों को गोद लेने की अनुमति दी जाती है, जिन्हें अधिक लोग गोद लेने के इच्छुक नजर नहीं आते। अदालत ने कहा कि इस प्रक्रिया में बच्चों के कल्याण को तरजीह दी जाती है, और भावी दत्तक माता-पिता (पीएपी) के अधिकारों को इस पर तवज्जो नहीं दी जा सकती।

उच्च न्यायालय ने एक हालिया आदेश में कहा, ”गोद लेने के अधिकार को अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार का दर्जा नहीं दिया जा सकता है और न ही इसे उस स्तर तक बढ़ाया जा सकता है जिससे पीएपी को यह विकल्प मिले कि किसे गोद लेना है। गोद लेने की प्रक्रिया पूरी तरह बच्चों के कल्याण के आधार पर संचालित होती है।” न्यायाधीश ने कहा कि गोद लेने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है और कई निःसंतान दंपति और एक बच्चे वाले माता-पिता हैं, जो ”सामान्य बच्चे” को गोद लेना चाहेंगे, ऐसे में विशेष जरूरतों वाले बच्चे को गोद लेने की संभावना बहुत कम हो जाती है, इसलिए उपरोक्त नियम का उद्देश्य केवल यही है। अदालत ने कहा कि यह सुनिश्चित करें कि विशेष आवश्यकता वाले अधिक से अधिक बच्चों को गोद लिया जाए। अदालत का फैसला दो बच्चों वाले कई पीएपी की याचिकाओं पर आया, जिन्होंने किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के अनुसार तीसरे बच्चे को गोद लेने के लिए आवेदन किया था।