भाजपा धर्म के आधार पर संस्थानों को बना रही है निशाना : कांग्रेस

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कांग्रेस ने सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को जानबूझकर तबाह करने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि अच्छी शिक्षा किसी भी विकसित राष्ट्र की नींव होती है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासन में शिक्षा को भी राजनीतिक एजेंडे के तहत निशाना बनाया जा रहा है। कांग्रेस के जम्मू कश्मीर के प्रभारी महासचिव नासिर हुसैन ने शनिवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भाजपा ने शिक्षा को मजाक बना दिया है। अच्छी शिक्षा हर विकसित राष्ट्र की बुनियाद होती है, लेकिन भाजपा सरकार लगातार इसे तबाह करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के बैतूल में अब्दुल नईम ने खुद के 20-22 लाख रुपए खर्च कर, एक स्कूल का निर्माण कराया, ताकि वहां के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सके। नईम ने अनापत्ति प्रमाण पत्र और लाइसेंस लेकर स्कूल शुरू किया लेकिन भाजपा के इकोसस्टिम ने मदरसा चलाने की अफवाह फैलाई।

जबकि इस गांव में केवल तीन मुसलमान परिवार रहते हैं और बाकी परिवार आदिवासी समुदाय से आते हैं कांग्रेस नेता ने कहा कि जिले के कलेक्टर ने बिना किसी जांच और नोटिस के स्कूल पर बुलडोजर चलवा दिया। इसी तरह जम्मू-कश्मीर में भी एक मेडिकल कॉलेज को बंद कर दिया गया। कर्नाटक के बेलगावी में स्कूल के मुस्लिम हेड मास्टर को हटवाने के लिए कुछ फ्रिंज एलिमेंट पानी की टंकी में जहर मिला देते हैं, जिससे कई बच्चे बीमार हो गए थे लेकिन जब जांच होती है तो 04 आरोपियों को गिरफ्तार किया जाता है उन्होंने कहा कि असम के नलवाड़ी में गत 24 दिसंबर को सेंट मैरी क्रिसमस स्कूल में त्यौहार की सारी तैयारियों को तहस-नहस कर दिया जाता है।

यूपी में भी पहले क्रिसमस की छुट्टी होती थी लेकिन वश्वि हिंदी परिषद जैस संगठनों ने इस बार छुट्टी न देने और सेलब्रिेशन न करने की मांग उठाई, जिसे भाजपा सरकार ने मान लिया। मोदी सरकार में शिक्षा की स्थिति पर सवाल करते हुए उन्होंने कहा कि बैतूल के मामले में क्या कलेक्टर बताएंगे कि उनके ऊपर किनका और कैसा दबाव था और अधिकारी अगर दबाव में आकर एक स्कूल को गिरा दे रहा है तो क्या उनकी ट्रेनिंग मसूरी में हो रही है या नागपुर में हो रही है। माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज में अचानक निरीक्षण क्यों किया गया, किसकी शिकायत थी, क्या कॉलेज पर एक्शन पब्लिक डोमेन में जारी दबाव को लेकर किए गए।

कांग्रेस नेता ने पूछा कि क्या हालात इतने गंभीर थे कि पूरे मेडिकल कॉलेज को ही बंद करना पड़ा, क्या एग्जामिनेशन सस्टिम के बारे में जानकारी नहीं ली गई थी। उनका कहना था कि गत सितंबर में मेडिकल कॉलेज को एमबीबीएस कोर्स की अनुमति दी गई थी तो क्या उससे पहले इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी जांच नहीं की गई थी। उनका कहना था कि जैसे ईडी, सीबीआई, आईटी, चुनाव आयोग का दुरुपयोग किया जा रहा है, क्या वैसे ही राष्ट्रीय मेडिकल आयोग का भी दुरुपयोग हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश में शक्षिण संस्थानों का खुलेआम भगवाकरण किया जा रहा है। आलोचनात्मक सोच को बढ़ावा देने वाले और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने वाले संस्थानों पर भी कई प्रकार के आक्रमण किए जा रहे हैं। जामिया, एएमयू जैसे कई संस्थानों का बजट घटा दिया गया है और जेएनयू को कोई अतिरिक्त बजट नहीं दिया गया है। नए सेंटर खुल रहे हैं, नए छात्र आ रहे हैं लेकिन फंड नहीं दिया जा रहा। हालात ये हैं कि आज अच्छे छात्र देश छोड़ रहे हैं और लगातार प्रतिभा पलायन हो रहा है। भाजपा सरकार पूरी शिक्षा व्यवस्था को तबाह करने पर तुली है। राज्यों में हर साल स्कूल बंद हो रहे हैं। सरकारी शिक्षकों की भर्ती नहीं की जा रही है।