कांग्रेस जीतेगी कम से कम 141 सीट, मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी का फैसला स्वीकार होगा: शिवकुमार

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कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने शनिवार को कहा कि राज्य विधानसभा में उनकी पार्टी कम से कम 141 सीट जीतकर सरकार बनाएगी और मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी जो भी फैसला करेगी वह उन्हें स्वीकार होगा। शिवकुमार ने दिए साक्षात्कार में यह भी कहा कि कर्नाटक में जीत अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए मार्ग प्रशस्त करेगी तथा राज्य की जनता कांग्रेस के पक्ष में समर्थन देकर पूरे देश को एक संदेश देगी। कर्नाटक में कांग्रेस की जीत की स्थिति में मुख्यमंत्री पद के लिए सिद्धरमैया के साथ प्रमुख दावेदार के रूप में देखे जा रहे शिवकुमार का कहना है कि फिलहाल उनका प्रयास पार्टी की जीत सुनिश्चित करना है।

उन्होंने कहा, ”मेरे लिए पार्टी पहले आती है और मुख्यमंत्री पद बाद में आता है। मुख्यमंत्री के मुद्दे पर पार्टी जो भी फैसला करेगी, उसे स्वीकार करूंगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस के भीतर कलह की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा, ”सच्चाई यह है कि राज्य में कांग्रेस नेतृत्व एकजुट है और कार्यकर्ता बहुत सक्रिय हैं… हम यह सामूहिक प्रयास कर रहे हैं कि कांग्रेस स्पष्ट बहुमत के साथ सत्ता में आए। शिवकुमार के मुताबिक, पिछले तीन वर्षों से कर्नाटक में कांग्रेस जमीन पर मेहनत कर रही है तथा राज्य में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ बहुत सफल रही। उन्होंने उम्मीद जताई, ”कांग्रेस इस चुनाव में कम से कम 141 सीट हासिल करेगी और भाजपा 60 सीट से नीचे सिमटकर रह जाएगी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा, हम कर्नाटक चुनाव बहुत आराम से जीत रहे हैं। यह जीत लोकसभा चुनाव में हमारे लिए मार्ग प्रशस्त करेगी। कर्नाटक के लोग देश को एक संदेश देंगे। वर्ष 1978 में जब देश में जनता पार्टी की सरकार थी तो उस समय भी कर्नाटक ने कांग्रेस के लिए मार्ग प्रशस्त किया था और एक बार फिर से कर्नाटक अपनी यह भूमिका निभाएगा। शिवकुमार ने जोर देकर कहा, हम कर्नाटक में सरकार बनाएंगे और 2024 में केंद्र में भी हमारी सरकार बनेगी। कांग्रेस के घोषणापत्र में बजरंग दल और पीएफआई जैसे संगठनों को प्रतिबंधित करने संबंधी चुनावी वादे से जुड़े विवाद के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने भाजपा पर ही लोगों को बांटने के प्रयास का आरोप लगाया।
शिवकुमार ने आरोप लगाया, भाजपा सरकार हमारे युवाओं को नौकरियां नहीं दे सकी।

वह महंगाई से लोगों को राहत नहीं दे सकी। अब वे भड़काऊ बातें करके समाज को बांटने का प्रयास कर रहे हैं। भाजपा की ओर से किए गए समान नागरिक संहिता और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के वादों को लेकर उन्होंने कहा, ”कर्नाटक चुनाव स्थानीय मुद्दों पर लड़ा जा रहा है। भाजपा इन चुनावों में कोई विमर्श देने में नाकाम रही है। यह प्रदेश के मामले में विचार और नजरिये को लेकर उसके दिवालियेपन को दर्शाता है। शिवकुमार ने यह भी दावा किया कि इस बार कर्नाटक के विधानसभा चुनाव में ‘मोदी फैक्टर’ (प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का असर) काम नहीं करेगा, क्योंकि कांग्रेस प्रगतिशील और विकास-आधारित एजेंडे पर चुनाव लड़ रही है। कर्नाटक विधानसभा की सभी 224 सीट के लिए 10 मई को मतदान होगा और 13 मई को मतगणना होगी।

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