मणिपुर विधानसभा का विशेष सत्र नहीं बुलाया जाना संवैधानिक तंत्र के ध्वस्त होने का प्रमाण: कांग्रेस

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कांग्रेस ने सोमवार को आरोप लगाया कि मणिपुर की सरकार द्वारा राज्यपाल अनुसुइया उइके से आग्रह किए जाने के बावजूद विधानसभा का विशेष सत्र नहीं बुलाया गया, जो इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश में संवैधानिक तंत्र ध्वस्त हो गया है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ‘स्वयंभू विश्वगुरु की भूमिका’ में और गृह मंत्री अमित शाह चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं। उन्होंने ‘एक्स (पूर्व में ट्विटर)’ पर पोस्ट किया, 27 जुलाई को मणिपुर की सरकार ने प्रदेश के राज्यपाल से अगस्त के तीसरे सप्ताह में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का अनुरोध किया था। चार अगस्त को राज्यपाल से एक बार फिर विशेष सत्र बुलाने का अनुरोध किया गया है, लेकिन इस बार एक निश्चित तिथि यानी 21 अगस्त को सत्र बुलाने के लिए कहा गया। आज 21 अगस्त है और विशेष सत्र नहीं बुलाया गया है। विधानसभा का कोई मानसून सत्र भी नहीं हुआ है।

रमेश ने आरोप लगाया कि यह इस बात का एक और सबूत है कि मणिपुर में संवैधानिक तंत्र पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। उन्होंने दावा किया, ”प्रधानमंत्री अपनी स्वयंभू विश्वगुरु की भूमिका को पुनर्जीवित करने में व्यस्त हैं और गृह मंत्री चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं। मणिपुर के लोगों की पीड़ा लगातार जारी है। मणिपुर में मंत्रिमंडल के राज्यपाल अनुसुइया उइके से 21 अगस्त से विधानसभा सत्र बुलाने की सिफारिश करने के बावजूद सोमवार को सदन की बैठक नहीं हुई, क्योंकि राज भवन की तरफ से इस संबंध में अभी तक ‘कोई अधिसूचना’ जारी नहीं किए जाने के कारण भ्रम की स्थिति बनी हुई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब पूर्वोत्तर राज्य में जारी हिंसा के बीच विभिन्न दलों से जुड़े कुकी समुदाय के 10 विधायकों ने विधानसभा सत्र में शामिल होने में असमर्थता जताई है।

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