आबकारी नीति घोटाला: दिल्ली हाईकोर्ट ने बढ़ाई अरुण पिल्लई की अंतरिम जमानत

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दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली आबकारी नीति ‘घोटाले’ से संबंधित धनशोधन मामले में हैदराबाद के कारोबारी अरुण रामचंद्र पिल्लई की अंतरिम जमानत बृहस्पतिवार को आठ जनवरी तक बढ़ा दी। न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा की पीठ ने पिल्लई की याचिका पर यह आदेश पारित किया। आरोपी ने पत्नी की बीमारी के कारण राहत की मांग की थी। पिल्लई की ओर से पेश वकील नितेश राणा ने उच्च न्यायालय से उनकी अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने का आग्रह किया।

दावा किया कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उनकी पत्नी की तबियत और खराब हो गई है। पिल्लई को एक सुनवाई अदालत ने 18 दिसंबर को दो सप्ताह की अंतरिम जमानत दी थी। अदालत को बताया गया था कि उनकी पत्नी का ऑपरेशन होना है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पिल्लई को छह मार्च को इन आरोपों के बाद गिरफ्तार किया था कि जब 2021 की आबकारी नीति तैयार और लागू की जा रही थी, तब उन्होंने अन्य आरोपियों के साथ बैठकों में ”साउथ ग्रुप” का प्रतिनिधित्व किया था।

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