अपनी जड़ों के साथ जुड़े रहना आवश्यक है : सीएम रेखा गुप्ता

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दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को कहा कि विज्ञान के साथ संस्कार भी जरुरी है तथा हर हाल में अपनी जड़ों के साथ जुड़े रहना आवश्यक है। सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्ली शब्दोत्सव 2026 के कार्यक्रम में कहा, ऐसा भव्य आयोजन दिल्ली में किसी सरकारी मंच से कभी नहीं हुआ। इस मंच से देख पा रही हूं कि भारत अपने अतीत, वर्तमान और भविष्य से एक साथ संवाद कर रही है। दिल्ली में यह कार्यक्रम होना सच में मायने रखता है। इस कार्यक्रम से लोगों का जुड़ना भारत के बढते कदम को दिखाता है। उन्होंने कहा , भारत पर अनेकों बार हमले हुए लेकिन वह फिर से खड़ा हुआ है।

हमारी सभ्यता संस्कृति पर अनेकों बार प्रहार किये गये लेकिन हम मजबूती के साथ खड़े रहे क्योंकि हमारी संस्कृति की जड़ें मजबूत थी। हमें जड़ों से जुड़े रहना सबसे आवश्यक है। विज्ञान के साथ संस्कार भी आवश्यक है। यह महोत्सव आधुनिकता की राह पर बढते हुए अपने बच्चों को संस्कृति से जुडने का माध्यम है। उन्होंने कहा, दिल्ली में पिछले दस साल में हर राज्य के उत्सव को मनाने का काम किया है। पूरी दिल्ली में अलग-अलग राज्यों का उत्सव धूमधाम से मनाया गया है। इस कार्यक्रम में चालीस पुस्तकों का विमोचन होना हमारी विचारों को मजबूत करने का अच्छा माध्यम है। हर युग में हमने विचारों को महत्व दिया है। हमने अपने विचारों को छोड़ा नहीं और विवेक को थामे रहे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि कोई भी नेता विदेश में जाकर देश के बारे में हल्की बात करे तो समझिये वह अपनी संस्कृति से जुड़ा ही नहीं है।

वर्तमान समय में अपनी सभ्यता और संस्कृति से मजबूती से जुड़े रहना जरूरी है। भारत हर क्षेत्र में शक्तिशाली बनकर उभर रहा है। विकास के साथ साथ विरासत को भी आगे लेकर जाना है। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि इस उत्सव में भारत की संस्कृति का लघु रूप को प्रदर्शित किया जा रहा है। प्राचीन काल में विश्वभर के छात्र अपना ज्ञान बढाने के लिए हमारे देश में आते थे। वर्तमान में नई शिक्षा नीति के माध्यम से शिक्षा को संस्कृति और स्किल के साथ जोड़ने का काम किया जा रहा। शब्दोत्सव के माध्यम में पूरे देश की संस्कृति पर चर्चा की जायेगी। दिल्ली की सरकार पिछले दस महीने में दिल्ली की संस्कृति के प्रति लोगों को जागरूक करने का काम किया है। दिल्ली के कला एवं संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि शब्दोत्सव वैचारिक आतंकवाद पर सर्जिकल स्ट्राईक है। इस उत्सव में सौ से अधिक वक्ता हैं और चालीस से अधिक किताबों का लोकार्पण किया जायेगा। इसमें गंभीर चर्चा के साथ साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होगा। झूठे इतिहास रचने का जो कुचक्र रचा गया था उसकी भी चर्चा की जायेगी। यह कार्यक्रम हर वर्ष होगा और इससे भी भव्य होगा।