शीतकालीन कार्रवाई योजना को लेकर दिल्ली सरकार की बड़ी घोषण, जानें क्या बोले सीएम केजरीवाल

40
232

नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सर्दियों के आगामी मौसम में राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए शुक्रवार को 15 सूत्रीय शीतकालीन कार्य योजना की घोषणा की जिसमें धूल प्रदूषण, वाहन से होने वाले उत्सर्जन और खुले में कचरा जलाने से होने वाले प्रदूषण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राष्ट्रीय राजधानी में सरकार की पहल के कारण प्रदूषण का स्तर कम हुआ है। केजरीवाल ने एक संवाददाता सम्मेलन में घोषणा की कि राष्ट्रीय राजधानी में 40 निगरानी स्टेशनों से एकत्र किए गए वास्तविक समय के वायु गुणवत्ता आंकड़ों के आधार पर दिल्ली के 13 मुख्य वायु प्रदूषण स्थलों में से प्रत्येक के लिए अलग और विशिष्ट कार्य योजनाएं तैयार की गई हैं। उन्होंने कहा कि शीतकालीन कार्य योजना मुख्य रूप से फसल अवशेष जलाने, धूल प्रदूषण, वाहन और औद्योगिक उत्सर्जन, खुले में कचरा जलाने, पटाखों को विनियमित करने, पौधरोपण को विनियमित करने, ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने, ई-कचरे का प्रबंधन करने और पड़ोसी राज्यों के साथ सहयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।

चिन्हित वायु प्रदूषण ‘हॉटस्पॉट’ (प्रमुख स्थलों) पर इन कार्य योजनाओं को लागू करने के लिए तेरह दलों का गठन किया गया है। केजरीवाल ने कहा, पुसल अवशेष जलाने से निपटने के लिए, दिल्ली सरकार ने पिछले तीन वर्षों में एक मुफ्त जैव-अपघटक तकनीक को सफलतापूर्वक लागू किया है, जिसके सकारात्मक परिणाम मिले हैं। पराली के निस्तारण के लिए पिछले वर्ष 4,400 हेक्टेयर में पूसा जैव-अपघटक (बायोडिकम्पोजर) का छिड़काव किया गया था। इस वर्ष, हम बासमती और गैर-बासमती चावल के 5,000 एकड़ खेतों में इसका उपयोग निःशुल्क करेंगे। मुख्यमंत्री ने नौ अक्टूबर से धूल विरोधी अभियान की भी घोषणा की। इसमें वेब पोर्टल के माध्यम से वास्तविक समय की निगरानी उपलब्ध होने के साथ 500 वर्ग मीटर से अधिक के सभी स्थलों पर धूल नियंत्रण उपकरण स्थापित करने जैसे उपाय शामिल हैं। केजरीवाल ने साझा किया कि धूल नियंत्रण मानदंडों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए 591 दल गठित किए गए हैं, जिसमें धूल प्रदूषण से निपटने के लिए 530 पानी का छिड़काव करने वाले उपकरण और 258 मोबाइल ‘एंटी-स्मॉग गन’ तैनात हैं।

उन्होंने कहा कि 385 टीम वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्रों (पीयूसी) की जांच करेंगी ताकि निर्धारित सीमा से अधिक पुराने वाहनों को रोका जा सके। दिल्ली सरकार ने 90 भीड़भाड़ वाली सड़कों की पहचान की है जहां यातायात प्रबंधन और वैकल्पिक मार्गों के बारे में यात्रियों को सूचित करने के लिए टीमें तैनात की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में खुले में कचरा जलाने पर प्रतिबंध है और 611 टीम इसकी निगरानी करेंगी। अतिरिक्त 66 टीमें यह सुनिश्चित करेंगी कि औद्योगिक इकाइयां अनधिकृत या गैर-अनुपालन वाले ईंधन का उपयोग न करें। उन्होंने लोगों से ‘ग्रीन दिल्ली’ मोबाइल ऐप डाउनलोड करने और प्रदूषण पैदा करने वाली किसी भी गतिविधि की सूचना सरकार को देने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा, पिछले तीन वर्षों में, ऐप पर 70,470 शिकायतें मिलीं तथा समाधान दर 90 प्रतिशत रही। पिछले वर्षों की तरह, दिल्ली में आतिशबाजी के उत्पादन, भंडारण और बिक्री को विनियमित करना जारी रखा जाएगा जिसमें ऑनलाइन डिलीवरी के लिए भी विनियमन शामिल हैं।

केजरीवाल ने जोर देकर कहा कि नागरिकों से कम से कम पटाखों के साथ दिवाली मनाने का आग्रह किया जाता है। इस वर्ष दिल्ली ने वृक्षारोपण अभियान के तहत 52 लाख पेड़-पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। पहले चरण में करीब 75 फीसदी यानी 39.48 लाख पेड़-पौधे लगाए जा चुके हैं। दूसरा चरण 15 अक्टूबर से शुरू होगा। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त, नई दिल्ली नगर पालिका परिषद का लक्ष्य 50 लाख पौधे लगाने का है। केजरीवाल ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन तथा ‘ईवी’ नीति, ताप बिजली घरों को बंद करने, 24 घंटे बिजली आपूर्ति, पौधरोपण जैसी सरकार की पहल के कारण ही पिछले आठ वर्षों में गंभीर प्रदूषण के स्तर वाले दिनों में कमी आई।

केजरीवाल ने प्रदूषण स्तर कम करने में सरकारी पहलों में मदद के लिए दिल्ली के लोगों को भी धन्यवाद दिया। भाजपा ने हालांकि कार्य योजना को लेकर केजरीवाल सरकार की आलोचना की और इसे “जोड़-तोड़कर” किया गया काम बताया। पार्टी की दिल्ली इकाई के प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, “अरविंद केजरीवाल की शीतकालीन कार्य योजना सिर्फ दिखावा है। प्रदूषण नियंत्रण को लेकर केजरीवाल ने कुछ नहीं किया। आज प्रस्तुत शीतकालीन कार्य योजना पिछले वर्ष प्रस्तुत योजना की नकल है। एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि पंजाब में सत्ता संभालने से पहले आप ने दिल्ली में प्रदूषण के लिए उत्तरी राज्य को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने कहा, लेकिन अब, केजरीवाल पंजाब पर चुप हैं।
हालांकि, पंजाब में पराली जलाने की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर केजरीवाल ने कहा, पिछले साल, हमारी सरकार बनी थी, हमें छह से सात महीने ही मिले थे। लेकिन सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले वर्ष उससे पिछले साल की तुलना 30 प्रतिशत कम पराली जलाई गई थी। उन्होंने कहा, इस साल फसलों के विविधीकरण सहित कई कदम उठाए जा रहे हैं, जिसके तहत किसानों को धान के अलावा अन्य फसलें उगाने के लिए कहा गया है। आम आदमी पार्टी (आप) प्रमुख ने कहा, इससे पानी की बचत होगी और पराली (उत्पादन) भी कम होगा।

40 COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here