दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को घोषणा की कि उनकी सरकार राष्ट्रीय राजधानी के 11 जिलों की सीमाओं को एमसीडी जोन के ”समतुल्य” बनाएगी। उनकी इस घोषणा को सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। गुप्ता ने कहा कि इस कदम से अधिकारियों के बीच अधिकार क्षेत्र को लेकर स्पष्टता आएगी और सीमा संबंधी मुद्दे दूर होंगे, जिससे सरकार की विकास एवं जन कल्याणकारी पहलों के सुचारू कार्यान्वयन का मार्ग प्रशस्त होगा। उत्तर दिल्ली जिला विकास समिति के अध्यक्ष के कार्यालय का उद्घाटन करते हुए गुप्ता ने कहा कि सरकार 11 जिलों की सीमाओं को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के 12 जोन के बराबर करने जा रही है, ताकि कामकाज को सुव्यवस्थित किया जा सके और अधिकारियों के बीच उनके अधिकार क्षेत्र से जुड़ी जिम्मेदारियों को लेकर स्पष्टता कायम हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा, ”दिल्ली सरकार ने पहले दिन से ही जिलाधिकारी कार्यालयों को कर्मचारी और वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें मजबूत बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। दिल्ली में सुशासन प्रदान करने की हमारी योजना में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।” उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने दो स्तरीय ढांचा स्थापित किया है, जिसमें राज्य स्तर पर शीर्ष समिति और 11 जिला विकास समितियां शामिल हैं। गुप्ता ने कहा, ”हमारा लक्ष्य दिल्ली में सुशासन लाना है और सभी 11 जिलों में लघु सचिवालय स्थापित करना है, ताकि लोग बिना किसी झिझक के वहां जा सकें और अपनी समस्याओं का समाधान करा सकें।” जिला विकास समितियों का उद्देश्य निर्णय लेने में विकेंद्रीकरण को प्रोत्साहित करना और एक उत्तरदायी एवं जिम्मेदार प्रशासन उपलब्ध कराना है। इन समितियों में क्षेत्र के निर्वाचित प्रतिनिधि (विधायक और नगर पार्षद), रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, जिलाधिकारी और विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी शामिल होते हैं।