कंपनी सचिवों को कॉरपोरेट संचालन पर नए सिरे से प्रतिबद्ध होने की जरूरतः सीतारमण

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नई दिल्ली। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कंपनी सचिवों से कंपनियों के बेहतर संचालन पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान करते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने की दिशा में यह अहम होगा। सीतारमण ने भारतीय कंपनी सचिव संस्थान (आईसीएसआई) के 55वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह बेहतर कॉरपोरेट संचालन के लिए खुद को नए सिरे से प्रतिबद्ध करने का वक्त है। उन्होंने कहा, हम अपनी मूल्य प्रणालियों को शिथिल पड़ते हुए नहीं देख सकते हैं। कॉरपोरेट संचालन एक ऐसा मसला है जिस पर हम सभी प्रतिबद्ध हैं। इस मौके पर उन्होंने अग्निवीर, रक्षा कर्मियों और शहीद जवानों के परिजनों को कंपनी सचिव पाठ्यक्रम में पंजीकरण के समय शुल्क माफ करने के आईसीएसआई के फैसले की सराहना भी की। उन्होंने शहीदों की बेटियों की शिक्षा के लिए 11 लाख रुपये का चंदा देने को भी प्रशंसनीय बताया।

सीतारमण ने कहा कि सरकार ने छोटी गड़बड़ियों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने, ऋणशोधन अक्षमता एवं दिवाला संहिता लागू करने और नियामकीय एवं कर सुधारों को लागू कर कारोबारी सुगमता बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं। 1,500 पुराने कानूनों के साथ 39,000 गैर-जरूरी नियमों के अनुपालन को भी खत्म कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को आकर्षित करने के लिए किए गए प्रयासों से भारत में पिछले तीन वित्त वर्षों में करीब 230 अरब डॉलर का विदेशी निवेश आया है। उन्होंने कहा, ऐसे समय में कॉरपोरेट क्षेत्र में बढ़िया संचालन सुनिश्चित कर कंपनी सचिव बड़ा फर्क पैदा कर सकते हैं। कार्यक्रम में कंपनी मामलों के मंत्रालय में सचिव मनोज गोविल ने कहा कि इस साल गठित कंपनियों एवं एलएलपी की संख्या पिछले साल की तुलना में 11 प्रतिशत अधिक रही है।

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