भ्रष्ट तृणमूल सरकार घुसपैठियों को पनाह दे रही; बंगाल में भाजपा सरकार ज़रूरी: शाह

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा और उस पर ”घुसपैठियों को पनाह देने”, भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने और चुनावी फायदे के लिए जानबूझकर सीमा सुरक्षा उपायों में रुकावट डालने का आरोप लगाया। उत्तर 24 परगना के बैरकपुर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं की एक बैठक को संबोधित करते हुए शाह ने यह भी दावा किया कि आने वाले विधानसभा चुनाव में तृणमूल सरकार का ”जाना तय है।”उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार का बनना न सिर्फ राज्य के लिए, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी बहुत जरूरी है।शाह ने आरोप लगाया, ”जिस तरह से पश्चिम बंगाल में घुसपैठ हो रही है, वह पूरे देश के लिए सुरक्षा का मुद्दा बन गया है।

अदालत के आदेश के बाद भी तृणमूल सरकार सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को सीमा पर बाड़बंदी के लिए जमीन नहीं दे रही है, क्योंकि घुसपैठिए उसके वोट बैंक हैं।”उन्होंने दावा किया कि राज्य में प्रशासन और पुलिस अवैध प्रवासियों को नहीं रोक रही है, जिन्हें जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके पूरे देश में भेजा जा रहा है।कोलकाता के पास आनंदपुर में मोमो बनाने की फैक्टरी में हाल ही में लगी आग की घटना का ज़िक्र करते हुए शाह ने आरोप लगाया कि यह ”कोई हादसा नहीं था, बल्कि ममता बनर्जी सरकार के भ्रष्टाचार का नतीजा था।”उन्होंने पूछा कि फैक्टरी मालिकों को अभी तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया और क्या सत्तारूढ़ पार्टी से उनकी ”नजदीकी” इसका कारण है। गृह मंत्री ने पूछा, ”क्या बंगाल में प्रशासन पूरी तरह से खत्म हो गया है?”शाह ने तृणमूल कांग्रेस पर मतुआ और नामशूद्र समुदायों को धमकाने का भी आरोप लगाया और उन्हें भरोसा दिलाया कि उन्हें ”डरने की कोई ज़रूरत नहीं है” और ”कोई भी आपके वोटों को छू नहीं सकता।’

‘यह आरोप लगाते हुए कि राज्य में भ्रष्टाचार संस्थागत हो गया है, उन्होंने बनर्जी को विधानसभा चुनाव में ”दागी मंत्रियों” को टिकट न देकर इस खतरे के प्रति अपनी गंभीरता साबित करने की चुनौती दी। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा को 50 प्रतिशत से ज़्यादा मत प्रतिशत और भारी बहुमत मिलेगा।शाह ने तृणमूल पर घुसपैठियों को खुश करने के लिए संसद में वंदे मातरम् पर चर्चा का विरोध करने का भी आरोप लगाया और मतदाताओं से तृणमूल कांग्रेस सरकार को ”जड़ से उखाड़ फेंकने” तथा बंगाल में ”देशभक्तों व राष्ट्रवादियों की सरकार” बनाने की अपील की।