दिल्ली विधानसभा में गुरुवार को कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ी

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दिल्ली विधानसभा में गुरुवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष हंगामे के कारण कार्यवाही तीन बार स्थगित करने के बाद पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गयी। अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने हंगामें के बीच ही विपक्ष की नेता के सिख गुरु के खिलाफ कथित आपत्तिजनक वक्तव्य से संबंधित वीडियो की जांच फोरेंसिक लैब से कराने और पूरे मामले को विशेषाधिकार समिति को भेजने के आदेश दिये। अध्यक्ष ने संसदीय कार्य मंत्री प्रवेश साहिब सिंह के प्रस्ताव पर सदन की कार्यवाही भी एक दिन बढ़ा दी है। चार दिवसीय इस सत्र का गुरुवार को अंतिम दिन था, जिसे एक दिन के लिए बढ़ा दिया गया है। पूर्वाह्न 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सदस्यों ने गुरु तेग बहादुर के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे।

कुछ सदस्य सदन के बीचोबीच आकर आम आदमी पार्टी (आप) के खिलाफ नारेबाजी करने लगे और अध्यक्ष से विपक्ष की नेता आतिशी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। भाजपा विधायक ‘गुरुओं का अपना नहीं, नहीं सहेंगे’ नारा लगा रहे थे। इसी बीच आम आदमी पार्टी (आप) के सदस्य सदन में आ गये और वे भी हंगामा करने लगे। आप के सदस्य संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा के इस्तीफे की मांग कर रहे थे और वे सदस्य पोस्टर और तख्तियां लिये हुए थे, जिन पर मिश्रा के खिलाफ स्लोगन लिखे हुए थे। आप के सदस्य हालांकि सदन के बीचोबीच नहीं गये। दोनों पक्षों के सदस्यों की नारेबाजी के बीच गुप्ता ने सदस्यों से शांति बनाये रखने की अपील की, लेकिन हंगामा नहीं रूका। इस पर उन्होंने सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी।

एक बार के स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही जब फिर शुरू हुई तो भाजपा और आप के सदस्य फिर हंगामा करने लगे। इस दौरान भाजपा विधायकों ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ और आप विधायकों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ नारे लगाये और दोनों दलों के सदस्य सदन के बीचोबीच आ गये। विधानसभा अध्यक्ष के बार-बार आग्रह करने के बाद हंगामा कर रहे सदस्य जब शांत नहीं हुए, तो उन्होंने सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी। इसके बाद अपराह्न साढ़े 12 बजे सदन की फिर से शुरू हुई तो दोनों दलों के विधायक फिर हंगामा करने लगे। आप के विधायक हाथों में ‘कपिल मश्रिा इस्तीफा दो’ के नारे लिखे थे। इस बार दोनों दलों के सदस्य तख्तियां लिये थे।

विधायकों के हंगामे के बीच गुप्ता ने कहा कि चूंकि दोनों दलों ने गुरु तेग बहादुर को लेकर सदन में कही गयी बात वाले वीडियो की जांच की मांग की है, इसलिए वह वीडियो की फोरेंसिक जांच का आदेश देते हैं, जिसकी रिपोर्ट 15 दिन में आ जायेगी। उन्होंने हंगामा जारी रहने के कारण सदन की कार्यवाही अपराह्न एक बजे तक स्थगित कर दी। यह लगातार तीसरी बार था, जब सदन की कार्यवाही बिना किसी काम के स्थगित की गयी। सदन की कार्यवाही अपराह्न एक बजे फिर शुरू हुई, तो विधायी कार्य मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने सदन में कहा कि विपक्ष द्वारा दो दिनों से कार्यवाही बाधित किए जाने के कारण सरकार के महत्वपूर्ण कार्य लंबित हैं। उन्होंने उप राज्यपाल वी के सक्सेना के अभिभाषण पर प्रस्ताव पारित करने और प्रदूषण पर चर्चा कराने का उल्लेख करते हुए सदन की अवधि एक दिन बढ़ाने का अनुरोध किया। साथ ही, उन्होंने संबंधित प्रकरण विशेषाधिकार समिति को भेजकर निर्धारित समय-सीमा में जांच कराने का भी निवेदन किया। इस दौरान पक्ष और विपक्ष के सदस्य हंगामा करते रहे। गुप्ता ने दोनों दलों के सदस्यों से बार-बार शांत करने की गुजारिश की, लेकिन वे शांत नहीं हुए। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही एक दिन बढ़ाने और पूरे मामले विशेषाधिकार समिति के पास भेजने का आदेश देते हुए कार्यवाही शुक्रवार पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।