सरकार निर्यात को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही कई कदम उठाएगी: पीयूष गोयल

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नई दिल्ली। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि सरकार देश के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए घरेलू एवं वैश्विक पहुंच बढ़ाने को लेकर जल्द ही कई कदम उठाएगी। उन्होंने निर्यातकों को व्यापार के मोर्चे पर किसी देश की एकतरफा कार्रवाई के कारण उत्पन्न मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं से निपटने के लिए हरसंभव मदद का आश्वासन भी दिया। अमेरिका ने 27 अगस्त से भारतीय सामानों पर 50 प्रतिशत का भारी शुल्क लगा दिया है। इस उच्च शुल्क से कपड़ा, चमड़ा, जूते और झींगा जैसे कुछ श्रम-प्रधान क्षेत्रों के निर्यात पर असर पड़ने की आशंका है। गोयल ने उद्योग जगत के एक कार्यक्रम में कहा, ” सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि आप सभी को किसी एकतरफा कार्रवाई से उत्पन्न वर्तमान स्थिति को संभालने में किसी भी तनाव या कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।”

उन्होंने उद्योग जगत से उन क्षेत्रों का पता लगाने का भी आग्रह किया जो इन शुल्क से प्रभावित हो सकते हैं और जिन्हें वैकल्पिक बाजारों की आवश्यकता है। मंत्री ने कहा, ” हम वाणिज्य मंत्रालय में, अपने दूतावासों के माध्यम से दुनिया के अन्य हिस्सों तक पहुंच रहे हैं ताकि उन अन्य अवसरों की तलाश की जा सके जिनका हम लाभ उठा सकते हैं। हम घरेलू खपत को बढ़ावा देने पर भी विचार कर रहे हैं…” उन्होंने कहा, ” आप जल्द ही अगले सप्ताह जीएसटी परिषद की बैठक देखेंगे… ताकि इन बदलावों का प्रभाव आप सभी को बहुत जल्दी महसूस हो सके और इससे पूरे घरेलू विनिर्माण क्षेत्र में मांग को तेजी से बढ़ावा मिल सके।” केंद्र ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों को युक्तिसंगत बनाने पर गठित मंत्रिसमूह (जीओएम) के समक्ष पांच प्रतिशत और 18 प्रतिशत की दो-स्तरीय जीएसटी संरचना के साथ-साथ कुछ चुनिंदा वस्तुओं पर 40 प्रतिशत की विशेष दर का प्रस्ताव रखा है।

गोयल ने कहा कि सरकार निर्यात में विविधता लाने के लिए भारतीय दूतावासों सहित सभी संबंधित पक्षों के साथ परामर्श कर रही है। उन्होंने कहा, ” मैं आप सभी को आश्वस्त कर सकता हूं कि आने वाले दिनों में सरकार प्रत्येक क्षेत्र को सहायता देने के लिए विभिन्न कदम उठाएगी। इससे घरेलू पहुंच का विस्तार होगा तथा विश्वभर के अन्य बाजारों में पूरक अवसरों की तलाश होगी जिससे हमारी वैश्विक पहुंच बढ़ेगी। परिणामस्वरूप इस वर्ष हमारा निर्यात पिछले वर्ष के निर्यात से अधिक रहेगा।” मंत्री ने कहा, ” यह वर्ष हमारे आत्मविश्वास को परिभाषित करेगा।” वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का वस्तु एवं सेवा निर्यात 825 अरब अमेरिकी डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार में भारत का निर्यात हिस्सा कम है, इसलिए हमें व्यापार के मोर्चे पर वैश्विक अनिश्चितताओं के बारे में बहुत अधिक चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। गोयल ने कहा कि अगर कोई देश भारत के साथ अच्छा व्यापार समझौता करना चाहता है तो ”हम उसके लिए हमेशा तैयार हैं।”

उन्होंने कहा कि लेकिन अगर कोई हमारे साथ भेदभाव करने की कोशिश करता है तो… मुझे लगता है कि भारत की 140 करोड़ की आबादी में आत्मविश्वास और आत्मसम्मान है। इसे ध्यान में रखते हुए हम कभी झुकेंगे नहीं, न ही कभी कमजोर होंगे, हम साथ मिलकर आगे बढ़ते रहेंगे…” गोयल ने कहा, ” हम नए बाजारों का रुख करेंगे… मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि इस साल हमारा निर्यात पिछले साल से अधिक रहेगा।” मंत्री ने कहा कि देश ने अतीत में कोविड-19 वैश्विक महामारी और परमाणु प्रतिबंधों जैसे संकटों का सफलतापूर्वक सामना किया है। निर्माण क्षेत्र के लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में लगभग 10 लाख मकानों की मांग है। उन्होंने भारतीय व्यवसायों, श्रमिकों एवं विशेषज्ञों को इस अवसर का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया और कहा कि ऑस्ट्रेलिया भारत से वित्तीय सहयोग, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञता और कार्यबल समर्थन के लिए तैयार है।