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मोदी सरकार के आर्थिक विकास के आंकड़ों की विश्वसनीय पर सवाल : कांग्रेस

कांग्रेस ने देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति और “बढ़ती असमानता” को चिंताजनक करार देते हुए मंगलवार को दावा किया कि सरकार के आर्थिक विकास के आंकड़ों की विश्वसनीयता सवालों के घेरे में आ गई है। कांग्रेस के शोध विभाग के प्रमुख राजीव गौड़ा और पार्टी के संचार विभाग के शोध मामले के प्रभारी अमिताभ दुबे ने अर्थव्यवस्था की स्थिति को लेकर एक पुस्तिका जारी की और कहा कि देश को आज सुर्ख़ियों की नहीं, ईमानदार आंकड़ों की जरूरत है। रिपोर्ट जारी करते हुए गौड़ा ने कहा: “अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति मोदी सरकार की प्राथमिकताओं को उजागर करती है। ऐसे समय में जब असमानता बद से बदतर हो रही है, कॉर्पोरेट मुनाफा बढ़ रहा है, सार्थक रोजगार सृजन नहीं हो रहा है, तो मोदी सरकार कल्याण में कटौती करने पर अड़ी हुई है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एक बयान का हवाला देते हुए कहा, “यह सरकार गरीबों, युवाओं, किसानों और महिलाओं – चार “जातियों” के लिए सामाजिक सुरक्षा कवच को खत्म कर रही है। इसके अलावा, भारत के डेटा की विश्वसनीयता पर व्यापक रूप से सवाल उठाए जा रहे हैं। भारत को ईमानदार आंकड़ों की जरूरत है और एक समावेशी विकास मॉडल जो रोजगार पैदा करता है, न कि केवल सुर्खियां। मोदी सरकार का प्रचार हमें पूर्ववर्ती एनडीए सरकार के ‘ भारत उदय’ वाले अहंकार की याद दिलाता है।” अमिताभ दुबे ने कहा, “जिस विकास से केवल कुछ लोगों को लाभ होता है, वह सफलता नहीं है। यह एक चेतावनी संकेत है। बढ़ती असमानता और सिमटता जन कल्याण बड़े पैमाने पर आर्थिक कुप्रबंधन के स्पष्ट संकेतक हैं। लेकिन मूल रूप से अच्छी नीति ईमानदार डेटा से शुरू होती है।

उन्होंने कहा, “हम सरकार से देश के सामने वास्तविक आंकड़े रखने के लिए कहते हैं, न कि लोगों को गुमराह करने वाले हेरफेर किए गए आंकड़े।” रिपोर्ट में कहा गया है, “सिर्फ 10 प्रतिशत लोगों का राष्ट्रीय आय के 58 प्रतिशत हिस्से पर कब्ज़ा है। निचले आधे हिस्से को केवल 15 प्रतिशत मिलता है। शीर्ष 10 प्रतिशत के पास भारत की 65 प्रतिशत संपत्ति है। निचले आधे हिस्से का स्वामित्व सिर्फ 6.4 प्रतिशत है, शीर्ष एक प्रतिशत के पास 40 प्रतिशत संपत्ति है।” कांग्रेस ने दावा किया कि हर 5 में से 4 भारतीय 200 रूपये प्रति दिन पर गुजारा करते हैं और एक तिहाई आबादी 100 रूपये प्रति दिन पर गुजारा करने को विवश है। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि सरकारी आंकड़ों की विश्वसनीयता सवालों के घेरे में है। इसमें कहा गया है कि आईएमएफ ने भारत के आंकड़ों को “सी” ग्रेड दिया है। मुख्य विपक्षी दल ने कहा कि इस सरकार में युवाओं के भविष्य को बर्बाद किया जा रहा है।

जाति जनगणना को लेकर मोदी सरकार की मंशा पर सवाल, राजनीतिक दलों से संवाद करे : कांग्रेस

कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार को जाति गणना की प्रक्रिया के विवरण को अंतिम रूप देने से पहले राजनीतिक दलों, राज्य सरकारों और नागरिक संगठनों के साथ संवाद करना चाहिए। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि मोदी सरकार ने जिस तरह से प्रश्नावली तैयार की है उससे उसकी वास्तविक मंशा और एक व्यापक, निष्पक्ष तथा देशव्यापी जाति जनगणना के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। रमेश ने एक बयान में कहा, जनगणना-2027 का पहला चरण अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान होने वाला है। दूसरा चरण यानी जनसंख्या गणना, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के बर्फ़ से ढके इलाकों में सितंबर 2026 में निर्धारित है, जबकि देश के बाकी हिस्सों में यह फरवरी 2027 में होगी।

उनका कहना है, 30 अप्रैल 2025 को मोदी सरकार ने पूरी तरह यू-टर्न लेते हुए अचानक घोषणा की कि जाति गणना को जनगणना 2027 में शामिल किया जाएगा। इसके बाद 12 दिसंबर 2025 को यह घोषित किया गया कि जाति गणना, जनगणना के दूसरे चरण में होगी। यह याद दिलाना ज़रूरी है कि इससे पहले तक मोदी सरकार लगातार जाति जनगणना के विचार को ख़ारिज करती रही थी। रमेश के अनुसार, अंततः प्रधानमंत्री मोदी को झुकना पड़ा और जाति जनगणना की व्यापक मांग को स्वीकार करना पड़ा जिसे कांग्रेस ने मुखर रूप से उठाया था। उन्होंने कहा, मोदी सरकार ने अभी-अभी ‘हाउस-लिस्टिंग’ और ‘हाउसिंग जनगणना शेड्यूल’ में शामिल किए जाने वाले विषयों की सूची अधिसूचित की है।

प्रश्न 12 में यह पूछा गया है कि क्या परिवार का मुखिया अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या ‘अन्य’ श्रेणी से संबंधित है, जबकि ओबीसी और सामान्य श्रेणी के बारे में स्पष्ट रूप से नहीं पूछा गया है। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि जाति गणना को जनगणना 2027 का हिस्सा बनाया जाना है। ऐसे में जिस तरह से प्रश्न 12 को तैयार किया गया है, वह मोदी सरकार की वास्तविक मंशा और एक व्यापक, निष्पक्ष तथा देशव्यापी जाति जनगणना के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा, कांग्रेस मोदी सरकार से मांग करती है कि जाति गणना की प्रक्रिया के विवरण को अंतिम रूप देने से पहले राजनीतिक दलों, राज्य सरकारों और नागरिक संगठनों के साथ तुरंत संवाद शुरू किया जाए। रमेश ने यह भी कहा, कांग्रेस का मानना है कि 2025 में तेलंगाना सरकार द्वारा किया गया सर्वे शिक्षा, रोज़गार, आय और राजनीतिक सहभागिता से जुड़ी जाति-वार महत्वपूर्ण जानकारी जुटाने का सबसे व्यापक और सही तरीका है, जो बृहद तौर पर आर्थिक और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए बेहद आवश्यक है।

संविधान अधिकारों का कवच, इसकी रक्षा ही स्वतंत्रता सेनानियों को सच्ची श्रद्धाजलि: राहुल

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को 77वें गणतंत्र दिवस की बधाई दी और कहा कि भारतीय संविधान हर नागरिक के अधिकारों का सुरक्षा कवच है तथा इसकी रक्षा ही स्वतंत्रता सेनानियों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

हमारा संविधान हर भारतीय का सबसे बड़ा हथियार है – यही हमारी आवाज़ है, हमारे अधिकारों का सुरक्षा-कवच। इसी की मज़बूत नींव पर हमारा गणतंत्र खड़ा है जो समानता और सौहार्द से ही सशक्त होगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया, संविधान की रक्षा ही, भारतीय गणतंत्र की रक्षा है – हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों को सच्ची श्रद्धांजलि है।

भारत, यूरोपीय संघ पारस्परिक रूप से लाभकारी मुक्त व्यापार समझौते के लिए प्रतिबद्ध: पीयूष गोयल

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) दोनों पक्षों की कंपनियों और लोगों की समृद्धि के लिए परस्पर लाभकारी और महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए प्रतिबद्ध हैं। गोयल ने यह भी कहा कि यूरोपीय संघ भारत के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक और रणनीतिक साझेदार है। मंत्री ने सोशल मीडिया मंच पर लिखा है, “हम अपने व्यवसायों और लोगों की समृद्धि के लिए एक परस्पर लाभकारी और महत्वाकांक्षी भारत-ईयू एफटीए के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता को महत्व देते हैं।

यूरोपीय संघ के व्यापार आयुक्त मारोस सेफकोविच का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा, “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि पिछले एक साल में हमारे और हमारी टीमों के बीच निरंतर और रचनात्मक जुड़ाव हमें एक फलदायी परिणाम के करीब ले आया है।” अन्य अधिकारियों के साथ भारत आए मारोस सेफकोविच ने कहा कि मंत्री गोयल के साथ यह उनकी व्यक्तिगत रूप से 10वीं मुलाकात होगी। उन्होंने लिखा, “मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि हम अपनी एफटीए वार्ता के समापन के करीब हैं। पिछला एक साल बहुत गहन रहा है – संभवतः मेरा सबसे व्यस्त व्यापारिक जुड़ाव – जो इसके महत्व को दर्शाता है।

लोग वायु प्रदूषण के कारण स्वास्थ्य के रूप में बहुत भारी कीमत चुका रहे हैं: राहुल गांधी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को कहा कि वायु प्रदूषण की वजह से लोगों को स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण का सबसे ज्यादा खामियाजा बच्चे और बुजुर्ग भुगत रहे हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लोगों से वायु प्रदूषण के खिलाफ आवाज उठाने का आग्रह किया। राहुल ने लिखा, “हम वायु प्रदूषण की बहुत भारी कीमत चुका रहे हैं-अपने स्वास्थ्य के मोर्चे पर भी और देश की अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर भी। करोड़ों आम भारतीय हर दिन इसका बोझ झेल रहे हैं।” उन्होंने कहा, “बच्चे और बुजुर्ग इसकी वजह से सबसे ज्यादा पीड़ा सहते हैं।

निर्माण श्रमिक और दिहाड़ी कामगार, जैसे लोग इसकी सबसे बड़ी मार झेलते हैं।” राहुल ने कहा कि इस समस्या को सर्दी खत्म होते ही भुला नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “बदलाव की पहली कड़ी है अपनी आवाज उठाना। कांग्रेस नेता ने एक लिंक साझा किया और लोगों से इस पर यह बताने का आग्रह किया कि वायु प्रदूषण ने उन्हें या उनके प्रियजनों को कैसे प्रभावित किया है। उन्होंने कहा, आपकी आवाज महत्वपूर्ण है और इसे बुलंद करना मेरी जिम्मेदारी है।

भारतीय उत्पाद उच्च गुणवत्ता के पर्याय होने चाहिए: प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उद्योग जगत एवं स्टार्टअप से गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करने तथा विनिर्माण में उत्कृष्टता को एक मानदंड बनाने का संकल्प लेने का रविवार को आग्रह किया। रेडियो पर प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ में मोदी ने कहा कि भारतीय उत्पाद उच्च गुणवत्ता के पर्याय होने चाहिए। उन्होंने उद्योग से ऐसे उत्पादों का निर्माण करने का आग्रह किया जिनमें किसी प्रकार की कमी नहीं हो। प्रधानमंत्री ने अपने 130वें ‘मन की बात’ संबोधन में कहा, ”हम जो कुछ भी निर्मित करते हैं, आइए, उसकी गुणवत्ता में सुधार करने का संकल्प लें। चाहे वह हमारे वस्त्र हों, प्रौद्योगिकी हो, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण हों या पैकेजिंग, हर भारतीय उत्पाद ‘सर्वोत्तम गुणवत्ता’ का पर्याय होना चाहिए।”

उन्होंने उन युवाओं के प्रयासों की भी सराहना की, जिन्होंने 10 साल पहले 2016 में शुरू हुई भारत की स्टार्टअप यात्रा में उत्साहपूर्वक भाग लिया। मोदी ने कहा, ”आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप परिवेश बन गया है। ये स्टार्टअप ढर्रे से हटकर काम कर रहे हैं; ये उन क्षेत्रों में काम कर रहे हैं जिनकी कल्पना भी 10 साल पहले तक नहीं की जा सकती थी।” प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय स्टार्टअप कंपनियां एआई, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, गतिशीलता, हरित हाइड्रोजन और जैव प्रौद्योगिकी जैसे विविध क्षेत्रों में काम कर रही हैं।

उन्होंने कहा, ”आप किसी भी क्षेत्र का नाम लीजिए और आपको उस क्षेत्र में काम करने वाला कोई न कोई भारतीय स्टार्टअप मिल जाएगा। मैं अपने उन सभी युवा मित्रों को सलाम करता हूं जो किसी न किसी स्टार्टअप से जुड़े हैं या अपना खुद का स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं।” प्रधानमंत्री ने देशवासियों को राष्ट्रीय मतदाता दिवस और गणतंत्र दिवस की भी शुभकामनाएं दीं।

दिल्ली को देश का आर्थिक केंद्र बनाने की जरूरत: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली सरकार द्वारा आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में रविवार को अपने पहले संबोधन में कहा कि दिल्ली को देश का सबसे मजबूत आर्थिक केंद्र बनने की जरूरत है। गुप्ता ने छत्रसाल स्टेडियम में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) व्यापार समझौते की घोषणा इस सप्ताह होने की उम्मीद है जो दिल्ली के लिए लाभकारी हो सकता है क्योंकि इससे शहर के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के लिए यूरोपीय संघ के देशों में 45 लाख उपभोक्ताओं तक पहुंचने के द्वार खुल जाएंगे। दिल्ली सरकार गणतंत्र दिवस समारोह हर साल 25 जनवरी को आयोजित करती है।

गुप्ता ने पिछले 11 महीनों में दिल्ली में स्वास्थ्य, शिक्षा, अवसंरचना, कारोबार सुगमता, सामाजिक कल्याण, परिवहन और ग्रामीण विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में किए अपनी सरकार के कामकाज को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ‘सुरक्षित शहर परियोजना’ के तहत दिल्ली सरकार शहर भर में 10,000 उन्नत सीसीटीवी कैमरे लगाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना लागू होने के बाद अब तक 6.5 लाख लोगों का पंजीकरण हो चुका है और 30,000 से अधिक लोगों को इसका लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार ने शहर में 300 से अधिक आयुष्मान आरोग्य स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में निजी विद्यालयों द्वारा मनमानी फीस वृद्धि पर रोक लगाने के लिए सरकार ने दिल्ली शिक्षा अधिनियम पारित किया जिससे लाखों अभिभावकों और छात्रों को लाभ होगा।

गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार स्टार्टअप नीति संबंधी अपनी पहलों के जरिए दिल्ली को ”विचारों की राजधानी” बनाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) यह सुनिश्चित करेगा कि विकास कार्यों के लिए शहर को धन की कमी का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राष्ट्रीय राजधानी के ग्रामीण इलाकों पर विशेष ध्यान दे रही है और उसने विभिन्न विकास कार्यों के लिए 1,700 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं तथा झुग्गी बस्तियों में बेहतर नागरिक अवसंरचना के लिए भी 700 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार यमुना की सफाई, कूड़े के ढेर और शहर में प्रदूषण जैसी ”विरासत में मिली समस्याओं” से निपटने के लिए भी योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य अगले तीन साल में 11,000 इलेक्ट्रिक बस जोड़कर सार्वजनिक परिवहन बेड़े को मजबूत करना और मेट्रो रेल नेटवर्क को मौजूदा 396 किलोमीटर से बढ़ाकर 500 किलोमीटर करना है। गुप्ता ने लोगों से शहर के विकास के लिए दिल्ली सरकार की पहलों में सहयोग एवं भागीदारी करने की अपील की। उन्होंने शहर के निजी प्रतिष्ठानों से सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन और विकेंद्रीकृत सीवेज शोधन संयंत्रों (एसटीपी) का इस्तेमाल करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने लोगों से भी स्वच्छ ईंधन से चलने वाले वाहनों का उपयोग करने और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने का आग्रह किया ताकि वे ”स्वच्छ और हरित दिल्ली” के लिए सरकार के प्रयासों में योगदान दे सकें।

निर्वाचन आयोग लगातार दबाव का सामना कर रहा है, उसकी स्वतंत्रता की रक्षा करने की जरूरत : खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को कहा कि हाल के दिनों में निर्वाचन आयोग जैसी संस्थाओं को लगातार दबाव का सामना करना पड़ा है और इसलिए उनकी स्वतंत्रता की रक्षा करना ”हमारी जिम्मेदारी” है ताकि लोकतंत्र न केवल बना रहे बल्कि वास्तव में फले-फूले। उन्होंने कहा कि ”वोट चोरी” और मतदाता सूचियों के अनियोजित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के माध्यम से ”मतदान के अधिकार” को छीनना भारत के लंबे समय से पोषित लोकतंत्र को कलंकित करता है। राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में खरगे ने कहा कि यह दिन याद दिलाता है कि एक राष्ट्र का भविष्य उसके लोगों के पास है और हमारी सामूहिक आवाज हमारे साझा भाग्य को आकार दे सकती है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ”भारत की जनता स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त चुनावों की हकदार है, जहां स्वच्छ मतदाता सूची और समान अवसर प्राथमिक आवश्यकता है।” खरगे ने कहा, ”वोट चोरी और मतदाता सूचियों के अनियोजित एसआईआर के माध्यम से मतदान के अधिकार को छीनना भारत के लंबे समय से पोषित लोकतंत्र को कलंकित करता है।” उन्होंने कहा, ”हाल के दिनों में भारत निर्वाचन आयोग जैसे हमारे संस्थानों को लगातार दबाव का सामना करना पड़ा है। इसलिए उनकी स्वतंत्रता और अखंडता की रक्षा करना हमारा परम दायित्व है, ताकि लोकतंत्र न केवल बना रहे, बल्कि वास्तव में फले-फूले।” भारत के गणतंत्र बनने से एक दिन पहले 25 जनवरी 1950 को भारत निर्वाचन आयोग की स्थापना हुई थी। पिछले 16 वर्षों से इस दिन को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाया जाता है।

युवाओं के लिए नए अवसर खोल रहे व्यापार समझौते: प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत देश के भीतर और विदेश में युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने के लिए विभिन्न देशों के साथ व्यापार और आवागमन संबंधी समझौते कर रहा है। मोदी ने यह बात 18वें रोजगार मेले में कही जहां उन्होंने विभिन्न सरकारी नौकरियों के 61,000 नियुक्ति पत्र इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से सौंपे। मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से देश भर के 45 स्थानों पर रोजगार मेलों को संबोधित करते हुए कहा, ”भारत कई देशों के साथ व्यापार और आवागमन संबंधी समझौते कर रहा है। ये व्यापार समझौते देश के युवाओं के लिए नए अवसर लेकर आ रहे हैं।

मोदी ने कहा कि दुनिया में युवाओं की सबसे अधिक संख्या भारत में है और उनकी सरकार देश के भीतर और विदेश में युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने के प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के एक बयान में कहा गया कि रोजगार मेला रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को साकार करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल है। बयान में कहा गया कि इसकी शुरुआत के बाद से देश भर में आयोजित रोजगार मेलों के माध्यम से 11 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं। इसमें बताया गया कि 18वां रोजगार मेला देश भर के 45 स्थानों पर आयोजित किया गया और भारत के सभी हिस्सों से चयनित नव-नियुक्त कर्मचारी सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में शामिल हुए। नव-नियुक्त कर्मी गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग आदि में सेवाएं देंगे।

संविधान सभा के 264 सदस्यों ने 76 साल पहले भारतीय संविधान पर हस्ताक्षर किये थे: जयराम रमेश

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने संविधान निर्माण की यात्रा के एक पड़ाव का जिक्र करते हुए शनिवार को कहा कि ठीक 76 साल पहले संविधान सभा के 264 सदस्यों ने भारत के संविधान पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किये थे। रमेश ने इस बात का भी जिक्र किया कि इन सभी सदस्यों ने एक साथ तस्वीर भी खिंचवाई थी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ”आज से 76 वर्ष पहले, संविधान सभा के 264 सदस्यों ने भारतीय संविधान पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए थे जिसे वे पहले ही 26 नवंबर 1949 को अपना चुके थे।

उन्होंने इसकी तीन प्रतियों पर हस्ताक्षर किए जिनमें से दो अंग्रेजी और एक हिंदी में हस्तलिखित थीं और उनमें शांतिनिकेतन के उन कलाकारों द्वारा बनाए गए 22 चित्रांकन शामिल थे, जिनका नेतृत्व स्वयं नंदलाल बोस ने किया था।” उन्होंने बताया कि अंग्रेजी में सुंदर कैलिग्राफी प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने की थी जबकि हिंदी में यह कार्य वसंत के. वैद्य ने किया था। रमेश ने कहा, ”इन हस्तलिखित प्रतियों के पहले पन्ने पर राष्ट्रीय प्रतीक अंकित था, जिसे दीनानाथ भार्गव ने डिजाइन किया था।

नंदलाल बोस के आग्रह पर उन्होंने कुछ महीनों तक कोलकाता के चिड़ियाघर में जाकर शेरों का अध्ययन किया, ताकि प्रतीक में बने शेर बिल्कुल असली शेरों जैसे दिखें।” उन्होंने कहा कि अगस्त 1954 में स्थापित ललित कला अकादमी ने इस चित्रित संविधान को ”एक मौलिक कला ग्रंथ” बताया, जो भारत के बहुस्तरीय इतिहास को दर्शाता है और ”विविधता में एकता” के सूत्रों का उत्सव मनाता है। उन्होंने कहा, ”उसी दिन सदस्यों ने एक साथ बैठकर सामूहिक फ़ोटो खिंचवाई थी-जो समय से परे, एक ऐतिहासिक स्मृति बन गई।