Delhi ki taza khabar: जहांगीरपुरी हिंसा: दिल्ली पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत 21 लोगों को किया गिरफ्तार, दो नाबालिग भी शामिल

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Delhi ki taza khabar: नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने शहर के जहांगीरपुरी इलाके में हनुमान जयंती पर निकाली गयी शोभायात्रा के दौरान हुई हिंसा को लेकर 21 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें झड़पों का मुख्य साजिशकर्ता और एक अन्य व्यक्ति शामिल है जिसने कथित रूप से गोली चलायी थी जो एक उप-निरीक्षक को लगी थी। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि घटना के सिलसिले में दो किशोरों को भी पकड़ा गया है। पुलिस ने बताया कि उसने जहांगीरपुरी के सीडी पार्क में एक झुग्गी बस्ती निवासी मोहम्मद असलम (21) के पास से एक पिस्तौल भी बरामद की है, जिसका उसने शनिवार की शाम अपराध के दौरान कथित तौर पर इस्तेमाल किया था। पुलिस ने बताया कि शनिवार की शाम दो समुदायों के बीच हुई झड़पों के दौरान पथराव और आगजनी हुई थी जिसमें आठ पुलिसकर्मी और एक स्थानीय नागरिक घायल हो गया था। पुलिस ने बताया कि इस दौरान कुछ वाहनों को आग भी लगा दी गई थी।

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आरोपियों के पास से हथियार बरामद

पुलिस उपायुक्त (उत्तर पश्चिम) उषा रंगनानी ने कहा कि शनिवार को भारतीय दंड संहिता की धारा 307, 120 बी, 147 और अन्य प्रासंगिक धाराओं और शस्त्र अधिनियम की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। रंगनानी ने कहा, कुल 21 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है और दो किशोरों को पकड़ा गया है। आरोपी व्यक्तियों के कब्जे से तीन आग्नेयास्त्र और पांच तलवार जब्त की गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि मामला अपराध शाखा को स्थानांतरित कर दिया गया है जो जिला पुलिस की मदद से मामले में आगे की जांच करेगी। रंगनानी ने कहा, आरोपियों में से एक की पहचान मोहम्मद असलम के रूप में हुई है, जिसने एक गोली चलायी थी जो दिल्ली पुलिस के एक उपनिरीक्षक को लगी थी। आरोपी द्वारा अपराध में इस्तेमाल की गई पिस्तौल उसके कब्जे से बरामद कर ली गई है। उन्होंने कहा कि असलम को जहांगीरपुरी पुलिस थाने में 2020 में भारतीय दंड संहिता की धारा 324, 188, 506, 34 के तहत दर्ज मामले में भी शामिल पाया गया है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार किए गए 21 व्यक्तियों में जहांगीरपुरी का रहने वाला अंसार (35) भी शामिल है, जो हिंसा के पीछे कथित मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक है।

अंसार की पत्नी बोली, मेरा पति बेगुनाह, किसी हिंसा में नहीं था शामिल

अधिकारी ने कहा कि वह पहले हमले के दो मामलों में शामिल पाया गया और उसे निवारक धाराओं के तहत कई बार गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने बताया कि जुआ अधिनियम और शस्त्र अधिनियम के तहत उसके खिलाफ पांच बार मामला दर्ज किया गया था। अंसार की पत्नी ने संवाददाताओं से कहा कि उसका पति बेगुनाह है और वह किसी हिंसा में शामिल नहीं था। उसने दावा किया, ”मेरा पति निर्दोष है। वह किसी भी हिंसा का हिस्सा नहीं है। वह केवल बीचबचाव करने और लड़ाई रोकने के लिए वहां गया था लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। डीसीपी रंगनानी ने कहा कि जहांगीरपुरी निवासी सलीम (36) को भी गिरफ्तार किये जाने के बाद गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या बढ़कर 21 हो गई। उन्होंने कहा कि सलीम उर्फ चिकना पहले भी लूट और हत्या के प्रयास के मामले में संलिप्त पाया गया है, जो जहांगीरपुरी थाने में दर्ज है। गिरफ्तार किए गए 18 अन्य लोगों की पहचान जाहिद (20), शाहजाद (33), मुख्तयार अली (28), मोहम्मद अली (18), आमिर (19), अक्सर (26), नूर आलम (28), जाकिर (22), अकरम (22), इम्तियाज (29), मोहम्मद अली (27), अहीर (35), शेख सौरभ (42), सूरज (21), नीरज (19), सुकेन (45), सुरेश (43), सुजीत सरकार (38) के तौर पर की गई है और ये सभी जहांगीरपुरी के रहने वाले हैं।

दिल्ली की एक अदालत ने अंसार और असलम को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है जबकि बाकी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इससे पहले विशेष आयुक्त (कानून और व्यवस्था-जोन 1) दीपेंद्र पाठक ने कहा, ”अब तक चौदह व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है और जांच जारी है। सीसीटीवी और अन्य वीडियो फुटेज के आधार पर पहचान की आगे की प्रक्रिया की जा रही है। उन्होंने कहा, अभी स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। हमने यहां अतिरिक्त बल तैनात किया है। हमने शांति समिति की बैठकें की हैं और क्षेत्रों के प्रमुख निवासियों के संपर्क में भी हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में शांति बनाए रखेंगे।

रंगनानी ने यह भी कहा कि झड़पों के दौरान आठ पुलिस कर्मियों और एक नागरिक सहित कुल नौ लोग घायल हुए और उनका बाबू जगजीवन राम मेमोरियल अस्पताल में इलाज चल रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि गोली लगने से घायल उप निरीक्षक अस्पताल में है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। विशेष शाखा ने जिलों के पुलिस उपायुक्तों को सतर्क रहने के लिए कहा था और उन्हें इस तरह के जुलूसों के दौरान पर्याप्त व्यवस्था करने के लिए कहा गया था। रविवार की सुबह जहांगीरपुरी इलाके में भारी पुलिस बल तैनात था, जहां झड़प हुई थी। फ्लैग मार्च किया गया जिसमें पैदल और मोटरसाइकिल पर गश्त शामिल थी। गतिविधियों पर नजर रखने और यह सुनिश्चित करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया कि कोई अप्रिय घटना नहीं हो।

पुलिस के अनुसार जुलूस के दौरान 50 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। रंगनानी ने कहा कि स्थिति पर कड़ी नजर रखने के लिए त्वरित कार्य बल (आरएएफ) की एक टीम भी तैनात की गई है। पुलिस के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि हंगामे में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए ड्रोन और चेहरे की पहचान करने वाले सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जा रहा है। अपराधियों की पहचान करने और उनका पता लगाने के लिए आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों और मोबाइल के फुटेज खंगाले जा जा रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी के सभी शेष 14 पुलिस जिलों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और कोई अप्रिय घटना न हो इसके लिए तकनीकी निगरानी की जा रही है।

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