नई शिक्षा नीति धरती से जुड़ी हुई है, कौशल्य हमें गुलामी से मुक्ति की ताकत देगी : पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि देश की नई शिक्षा नीति धरती से जुड़ी हुई है, जिसमें कौशल्य पर बल दिया गया है और यह हमें गुलामी से मुक्ति की ताकत देगी। लाल किले की प्राचीर से 76वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति…मंथन के साथ बनी है, कोटि कोटि लोगों के विचार प्रवाह को संकलित करते हुए बनी है। भारत की धरती से जुड़ी हुई शिक्षा नीति बनी है। उन्होंने कहा कि इसमें हमने कौशल्य पर बल दिया है, यह ऐसा सामर्थ्य है जो हमें गुलामी से मुक्ति की ताकत देगा। उन्होंने कहा कि कभी-कभी हमारी प्रतिभाएं भाषा के बंधनों में बंध जाती हैं, ये गुलामी की मानसिकता का परिणाम है।

उन्होंने कहा, हमें हमारे देश की हर भाषा पर गर्व होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा, मैं युवाओं से देश के विकास के लिए अपने जीवन के अगले 25 वर्ष समर्पित करने का आग्रह करता हूं, हम मानवता के पूर्ण विकास के लिए काम करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि देश के युवाओं को असीम अंतरिक्ष से लेकर समंदर की गहराई तक अनुसंधान के लिए भरपूर मदद मिले। मोदी ने कहा, इसलिए हम अंतरिक्ष मिशन, गहरे समुद्र से जुड़े मिशन का विस्तार कर रहे हैं। अंतरिक्ष और समंदर की गहराई में ही हमारे भविष्य के लिए जरूरी समाधान हैं।

उन्होंने कहा, हमारी विरासत पर हमें गर्व होना चाहिए। जब हम अपनी धरती से जुड़ेंगे, तभी तो ऊंचा उड़ेंगे। जब हम ऊंचा उड़ेंगे, तभी हम विश्व को भी समाधान दे पाएंगे। मोदी ने कहा कि अनुभव कहता है कि एक बार हम सब संकल्प लेकर चल पड़ें, तो हम निर्धारित लक्ष्यों को पार कर लेते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे नौजवान आज नई-नई खोज के साथ दुनिया के सामने आ रहे हैं, ऐसे में हमें गुलामी की मानसिकता को तिलांजलि देनी पड़ेगी, अपने सामर्थ्य पर भरोसा करना होगा।

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